GST 2.0: GST 2.0 आज से लागू जानिए कौन सी रोजमर्रा की चीजें हुई सस्ती और क्या हुआ महंगा!

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GST 2.0: नमस्कार दोस्तों! आज से भारत में GST 2.0 लागू हो गया है, जो आम नागरिकों के लिए टैक्स ढांचे को सरल और पारदर्शी बनाता है। नवरात्रि के शुभ अवसर पर इसे ‘जीएसटी बचत उत्सव’ के रूप में प्रचारित किया जा रहा है। इस पोस्ट में हम बताएँगे कौन सी चीजें हुई सस्ती, कौन सी महंगी, और कैसे बदल गई रोजमर्रा की वस्तुओं और सेवाओं पर टैक्स दर।

रोजमर्रा की वस्तुएँ हुई सस्ती

GST 2.0 के लागू होते ही पनीर, दूध, ब्रेड, छेना, रोटी, पराठा जैसी रोजमर्रा की वस्तुओं पर जीरो टैक्स लागू हो गया है। पहले इन पर 5 से 18 प्रतिशत तक टैक्स लगता था। स्टेशनरी आइटम्स जैसे नोटबुक, पेंसिल, कॉपी और शार्पनर पर भी अब टैक्स शून्य है। इसका सीधा असर खुदरा कीमतों में कमी के रूप में दिखेगा। नई दरों से आम जनता की जेब पर बोझ कम होगा और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा।

शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में राहत

जीएसटी 2.0 के तहत शैक्षिक सेवाओं जैसे ट्यूशन, कोचिंग, वोकेशनल ट्रेनिंग और कौशल विकास पाठ्यक्रम पर अब कोई टैक्स नहीं लगेगा। इसके अलावा, चैरिटेबल अस्पताल सेवाएं और जीवन रक्षक दवाएं भी जीरो टैक्स के दायरे में आ गई हैं। इससे न केवल आम लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी। यह बदलाव समाज में सकारात्मक असर डालेगा।

इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों पर टैक्स कटौती

एसी, फ्रिज, और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर जीएसटी 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। इसका मतलब है कि इन उत्पादों की कीमत में कमी आएगी। घरेलू इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स के लिए यह राहत ग्राहकों के बजट में सीधे फर्क डालेगी। अब उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता वाले इलेक्ट्रॉनिक सामान सस्ते दाम में मिलेंगे, जिससे घरेलू खर्च में संतुलन आएगा और खरीदारी में बढ़ोतरी होगी।

वाहनों पर बदलाव और टैक्स कटौती

350 सीसी और उससे कम की बाइक पर जीएसटी घटकर 18 प्रतिशत हो गया है, जो पहले 28 प्रतिशत था। वहीं, 1,200 सीसी और 4 मीटर से कम की पेट्रोल गाड़ियों और 1,500 सीसी और 4 मीटर से कम की डीजल गाड़ियों पर भी टैक्स 18 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे छोटी और मध्यम क्षमता वाली वाहनों की कीमत में कमी आएगी। उच्च क्षमता वाले वाहनों पर 40 प्रतिशत टैक्स रहेगा।

तंबाकू, बीड़ी और पान मसाला पर कोई बदलाव नहीं

GST 2.0 में तंबाकू, बीड़ी और पान मसाला पर 40 प्रतिशत टैक्स पहले की तरह ही बरकरार रखा गया है। यह सुनिश्चित करता है कि स्वास्थ्य के लिहाज से हानिकारक उत्पादों पर टैक्स पहले जैसा रहेगा। वहीं, पेट्रोल और डीजल अभी भी GST के दायरे से बाहर हैं, इसलिए इनके दाम में कोई बदलाव नहीं होगा।

नवरात्रि में ‘जीएसटी बचत उत्सव’

नवरात्रि के अवसर पर सरकार ने इस बदलाव को जीएसटी बचत उत्सव के रूप में प्रचारित किया है। इसका उद्देश्य आम जनता को राहत देना और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना है। सरल टैक्स स्लैब और घटी हुई दरों से उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ कम होगा और देश में आर्थिक गतिविधियाँ तेज़ होंगी।

आम नागरिक और बाजार पर असर

GST 2.0 लागू होने से खुदरा बाजार और आम नागरिक दोनों पर असर पड़ेगा। रोजमर्रा की जरूरतों पर टैक्स कटौती से घरेलू खर्च कम होगा। व्यवसायों को भी टैक्स स्लैब आसान होने से लाभ होगा। इससे अर्थव्यवस्था में तरलता बढ़ेगी और उपभोक्ताओं के लिए खरीदारी का माहौल सहज बनेगा।

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