Election Commission Scam: लोकतंत्र पर डाका महादेवपुरा में 1 लाख फर्जी वोटर का खुलासा राहुल गांधी का बड़ा आरोप

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Election Commission Scam: नमस्कार दोस्तों आज आपके सामने एक ऐसा खुलासा रखने जा रहे हैं जो आपको चौंका देगा! कर्नाटक की महादेवपुरा विधानसभा सीट पर 1,00,250 फर्जी वोटर पाए गए हैं। राहुल गांधी जी ने पूरे सबूतों के साथ लोकतंत्र पर हो रहे इस हमले को उजागर किया है। अगर आप सोचते हैं कि आपका वोट सुरक्षित है, तो ज़रा ठहरिए – इस रिपोर्ट को अंत तक पढ़िए, सच आपके पैरों तले ज़मीन खिसका देगा!

राहुल गांधी ने फोड़ा फर्जीवाड़े का बम!

राहुल गांधी ने देश को बताया कि कर्नाटक की महादेवपुरा सीट पर 1 लाख से ज्यादा फर्जी वोटर दर्ज किए गए। उन्होंने कहा कि ये घोटाला कोई सामान्य गलती नहीं, बल्कि लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने पूरे सबूत पेश किए – जिसमें डुप्लीकेट वोटर, फर्जी पते और फोटोलेस एंट्री तक शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इससे बीजेपी को 2024 में फायदा मिला और बेंगलुरु सेंट्रल लोकसभा सीट उनके पक्ष में गई। राहुल गांधी का यह हमला सीधा चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहा है।

5 चालें, एक ही मकसद सत्ता की चोरी

राहुल गांधी ने बताया कि किस तरह पांच शातिर तरीकों से वोटर लिस्ट में घुसपैठ की गई:

  • 11,965 डुप्लीकेट वोटर
  • 40,009 फर्जी पते
  • 10,452 वोटर एक ही पते पर
  • 4,132 बिना फोटो/फर्जी फोटो
  • 33,692 फॉर्म-6 का दुरुपयोग

ये डेटा किसी फिल्म की स्क्रिप्ट नहीं, रियलिटी है। सोचिए, जब वोटर लिस्ट में इतनी बड़ी हेराफेरी हो सकती है, तो चुनाव का रिज़ल्ट कितना भरोसेमंद रह जाएगा?

महादेवपुरा कर्नाटक की सबसे ‘हॉट’ सीट बनी घोटाले का गढ़

महादेवपुरा, बेंगलुरु का वो क्षेत्र है जहां तकनीक और तेज़ी की दुनिया बसती है। लेकिन अब यही सीट लोकतंत्र की हत्या का मैदान बन चुकी है। यहां 3.25 लाख कुल वोटर हैं, जिनमें 1 लाख फर्जी नाम जोड़ दिए गए। यह क्षेत्र मारथाहल्ली और राममूर्ति नगर जैसे इलाकों को कवर करता है। खास बात ये है कि इसी विधानसभा ने बेंगलुरु सेंट्रल की जीत तय की थी। यानी यहां हुई हेराफेरी ने सीधे लोकसभा का नतीजा बदल डाला – और इसका आरोप सीधा बीजेपी पर लगा है।

BJP राज में ही शुरू हुई ये संदिग्ध तैयारी?

राहुल गांधी का आरोप है कि 2020 में जब कर्नाटक में बीजेपी की सरकार थी, तभी इस घोटाले की नींव रख दी गई थी। उस समय बेंगलुरु पुलिस ने अवैध प्रवासियों पर छापे मारे थे – खासकर मारथाहल्ली और राममूर्ति नगर में। अब इन्हीं इलाकों से फर्जी वोटर मिलने की बात सामने आई है। क्या यह सिर्फ संयोग है? या एक सोची-समझी रणनीति? इस सवाल का जवाब जनता को खुद तलाशना होगा, क्योंकि जहां-जहां सत्ता की भूख होती है, वहां वहां लोकतंत्र खतरे में पड़ जाता है।

जनता से सीधा सवाल क्या अब भी चुप रहोगे?

राहुल गांधी ने भावुक अपील की – “यह आपके वोट की ताकत है, जिसे छीनने की कोशिश हो रही है। आंखें खोलिए, आवाज उठाइए!” जब एक ही विधानसभा में 1 लाख फर्जी वोट मिलते हैं, तो क्या बाकी जगहों पर सब ठीक है? क्या हम वाकई स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव में विश्वास रख सकते हैं? राहुल गांधी ने कहा – “ये सिस्टम आपके सामने, आपकी आंखों के सामने लूटा जा रहा है।” अब फैसला जनता को लेना है – सच के साथ खड़ा होना है या चुपचाप लुट जाना है।

चुनाव आयोग की चुप्पी सबसे बड़ा सवाल बन गई है

सभी आंकड़े सामने आने के बाद भी चुनाव आयोग चुप क्यों है? क्या इतनी बड़ी गड़बड़ी पर कोई जांच नहीं होगी? क्या वोटिंग लिस्ट को फिर से परखा जाएगा? क्या दोषियों पर कोई कार्रवाई होगी? ये सारे सवाल अब लोगों के मन में घूम रहे हैं। अगर आज जवाब नहीं मिला, तो कल लोकतंत्र पर भरोसा खत्म हो जाएगा। राहुल गांधी ने सिर्फ आरोप नहीं लगाए, बल्कि चेतावनी दी है – अब वक्त है बदलाव का।

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