India vs England 4th Test 2025: हेलो नमस्कार क्रिकेट प्रेमियों! मैनचेस्टर के Old Trafford मैदान पर खेले गए चौथे टेस्ट में भारत ने एक भयानक परिस्थितियों के बावजूद शानदार तरीके से ड्रॉ बचाया। इंग्लैंड ने पहली पारी में बनाए 669 रन की विशाल बढ़त के बावजूद भारत की दृढ़छन टीम ने वापसी की। शुभमन गिल, केएल राहुल, रविंद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर की शतकीय पारियों से न सिर्फ मैच बचा बल्कि इंग्लैंड की जीत की उम्मीदों को धराशायी कर दिया। अंत तक जरूर पढ़ें – यह कहानी आत्मबल और धैर्य की है।
Table of Contents
पहली पारी की दिग्गज चुनौती और इंग्लैंड की दहाड़
इंग्लैंड ने मैनचेस्टर में ग्रंथियों की तरह रन बनाए – पहली पारी में 669 रन, जिसमें जो रूट (150) और बेन स्टोक्स (141) ने दमदार सेंचुरी लगाई, जबकि डकेट, क्रॉली और पोप ने भी महत्वपूर्ण पारियाँ खेलीं। भारत की पहली पारी महज 358 पर खत्म हुई, जिससे इंग्लैंड को 311 रन की बढ़त मिली। यह स्कोर चाहे मैच हारने लायक न हो, लेकिन मानसिक दबाव अवश्य बढ़ाता है। इसने संकेत दिया कि भारत के सामने एक बड़ा टेस्ट है – न केवल रन बनाने का, बल्कि सर्वसम्मति से मुकाबला जारी रखने का भी
भारत की दूसरी पारी की शुरुआत निगेटिव शुरूआत
दूसरी पारी की शुरुआत बेहद बुरी रही – पहले ही ओवर में यशस्वी जायसवाल और साई सुदर्शन का विकेट बिना रन बनाए गिर गया। इस स्थिति ने भारत को 0/2 पर ला खड़ा किया। लेकिन तभी टीम के कप्तान शुभमन गिल और केएल राहुल ने शांति से खेलना शुरू किया। इस संघर्षपूर्ण शुरुआत ने भारत की लड़ाई की असली कहानी खोल कर रख दी थी, जिसने दर्शाया कि अभी हार नहीं मानी गई है।
गिल‑राहुल की दीवार 188 रनों की साझेदारी
शुभमन गिल और केएल राहुल ने तीसरे विकेट के लिए 421 गेंदों में 188 रन की साहसी साझेदारी कर भारत को पटरी पर वापस लाया। राहुल ने 90 गेंदों पर 90 रन और गिल ने अनुभवी अंदाज़ में सेंचुरी तलक की बल्लेबाज़ी की। इस साझेदारी ने इंग्लैंड की उम्मीदों को झकझोड़ा और भारतीय टीम को आत्मविश्वास से लैस किया। यह साझेदारी बताती है कि दबाव में संयम ही बढ़त दिलाता है।
गिल ने खेला धमाकेदार शतक
शुभमन गिल ने 238 गेंदों में 12 चौके लगाकर अपना चौथा Test शतक इस सीरीज में जमाया – यह प्रदर्शन भारत के बदलते दृष्टिकोण और जलते आत्मविश्वास का प्रमाण था। Archer ने उन्हें आउट किया। इस शतकीय पारी ने भारत को दूसरी पारी में वापसी का मंच प्रदान किया और इंग्लैंड की जीत की उम्मीदों को धूल चटा दी।
सुंदर & जडेजा दो शतकों से मैच बचाया
क्रिकेट की अद्भुत कहानी तब शुरू हुई जब Washington Sundar (101) और Ravindra Jadeja (107) ने एक बेहतरीन 202 रन की साझेदारी निभाई, दोनों ने शतक लगाए और मैच को बचाया। जडेजा ने अपनी 5वीं हाफ‑सेंचुरी के साथ इंग्लैंड के एक खिलाड़ी की कैच छोड़ने का फायदा उठाया। Sundar का यह पहला Test शतक था। इस पारी ने इंग्लैंड की जीत की राह बारिश कर दी।
ड्रॉ प्रस्ताव और भारतीय टीम की सूझ‑बूझ
इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने अंतिम दिन मैच ड्रॉ कराने का प्रस्ताव रखा, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों (Jadeja & Sundar) ने इसे ठुकरा दिया क्योंकि दोनों अपनी व्यक्तिगत सेंचुरी के करीब थे। इससे टीम इंडिया का आत्मविश्वास प्रतीत हुआ, जिसने यह दिखाया कि व्यक्तिगत उपलब्धियाँ भी कभी‑कभी टीम के लिए ज़रूरी होती हैं।
स्टोक्स का शानदार ऑल‑राउंड प्रदर्शन लेकिन निराशाजनक परिणाम
बेन स्टोक्स ने इतिहास रचा – एक टेस्ट में शतक (141) और पांच विकेट (5/72) लेने वाले पहले England कप्तान बने। फिर भी, भारतीय टीम ने बिना घबराए वापसी की, जिससे इंग्लैंड की जीत अधूरी रह गई। उनके प्रदर्शन की तुलना में यह ड्रॉ भारत के लिए जीत से कम नहीं थी।
यह ड्रॉ भारत के लिए एक मानसिक जीत क्यों है
यह मैच शायद बोरिंग Finish में हुआ, पर India के लिए यह एक Mental Win रहा – क्योंकि परिस्थितियाँ उत्तेजक थीं, लेकिन टीम ने संयम बनाए रखा और अंत तक मजबूती दिखायी। इस तरह की वापसी इंग्लैंड को मानसिक रूप से हिला देती है और भारत की आत्म‑छवि को मजबूत बनाती है।
इंग्लैंड पांच मैचों की सीरीज में 2-1 से आगे हैं इस बीच इंडिया की उम्मीद बरकरार
सीरीज अब भी 2-1 के अंतर से इंग्लैंड के पक्ष में है, लेकिन भारत ने आखिरी विकेट तक लड़ाई दी है। आखिरी टेस्ट The Oval में 31 जुलाई से शुरू होगा – अब इंग्लैंड को एक जीत चाहिए, जबकि भारत को सीरीज बचानी है। तेज़ गेंदबाज Bumrah की फिटनेस और टीम चयन निर्णायक भूमिका निभाएंगे। India की वापसी की उम्मीदें अब और ज्यादा तगड़ी हो गई हैं।
Read More: सिर्फ 1 चार्ज में 200KM की रेंज, बच्चों को गिफ्ट करें ये सस्ती और दमदार सवारी